हरियाणा सरकार हर वर्ष फरीदाबाद में सूरजकुंड मेले का आयोजित करती है। 34 वें अंतर्राष्ट्रीय मेले का आयोजन 01 से लेकर 16 फरवरी 2020 तक किया गया। इस साल की थीम हिमाचल प्रदेश को रखा गया था। यह मेला भारत का एक खूबसूरत पारंपरिक शिल्प मेला है। इसमें हर राज्य के कारीगर अपनी हस्थकला की वस्तुएं यहां बेचने आते हैं। इन कारीगरों की उम्दा कारीगरी को देखने और खरीदने लोग दूर-दूर से आते हैं। पहली बार 1987 इसे लगाया गया था। छह दिन चलने वाले इस आयोजन में गीत-संगीत के कार्यक्रम में होते हैं। सभी राज्यों के लोक कलाकार यहां आकर अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। यहां से आप अलग-अलग राज्यों की मशहूर वस्तुएं खरीद सकते हैं।
कपड़े, लकड़ी का सामान, बैग, जूते-चप्पलें, पेंटिंग, कालीन, आकर्षक लैंप, बर्तन, बांस से तैयार किया गया सामान, खिलौने खरीदे जा सकते हैं। मेले का उद्देश्य देश के कारीगरों का हौसला बढ़ाना और हस्तशिल्प कारीगारी को प्रोत्साहित करना है। इस मेले में विदेशी लोगों की भी रुचि रहती है। यही नहीं खाने के शौकीनों के लिए यहां कई राज्यों के विशेष पकवान भी मिलते हैं। मेले में प्रवेश के लिए टिकट खरीदना पड़ता है। अब ये टिकट ऑनलाइन भी उपलब्ध करवाए जाने लगे हैं। सामान्य दिनों में एक टिकट की कीमत 80 रुपए और रविवार के दिन 120 रुपए इसकी कीमत है।