kite making business

Table of Contents

पतंग रोजगार भी देती है

By: Team digitalnaari

 14 जनवरी के दिन हर वर्ष मकर सक्रांति पर गुजरात में पतंगें उड़ाई जाती हैं ।  यहां इसे उत्तरायण पर्व कहा जाता है। इस दिन आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव का अपना ही खूबसूरत नजारा होता है। इस बार इस महोत्सव में गुजरात के 290, 18 अन्य राज्यों के 96 और भारत से बाहर के 44 देशों के 149 पतंगबाज 7 से 14 जनवरी तक अपनी पतंगबाजी से लुभाने आए

पतंग और खुशी का आपस में बेहद गहरा संबंध है। तभी तो भारत के आजाद होने की खुशी में हर साल १५ अगस्त के दिन लोग अपनी छतों पर चढ़कर रंग-बिरंगी पतंगे उड़ाते हैं। यही नहीं भारत में अन्य कई अवसरों पर पंतग उड़ाई जाती है। इनमें मकर संक्रांति का मौका भी है। साथ ही कई राज्यों में पतंग महोत्सव का भी आयोजन किया जाता है।

एक अध्ययन के मुताबिक गुजरात में पतंग और पतंग से जुड़ा सामान बनाने का बाजार 600 करोड़ के आसपास हो चूका हैसवा लाख  के आसपास  डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रूप से इससे जुड़ कर लगभग तीन सौ करोड़ की कमाई कर रहे हैं।
पतंगों ने भी समय के साथ-साथ अपना रंग-रूप बदला है। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में तो पंतग बनाने का कारोबार घर-घर में होता है। घरों में महिलाएं भी पतंगे बनाकर पैसे कमाती हैं। अगर आप इस क्षेत्र में अपना रोजगार तलाश करना चाहते हैं तो हम आपको इससे संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध करवाएंगे। आप अपनी कीमती राय हमें कमेंट बॉक्स में लिख भेजें।

 

 

Leave a Comment